कर मुरली लकुटी गहे, घूँघरवारे केश ।
यह बानिक नयनन बसो, श्याम मनोहर वेश ॥
- ब्रज के दोहे
जिनके कर-कमलों में मुरली सुशोभित है, जो हाथ में लकुटी धारण किए हुए हैं, और जिनके केश अत्यंत सुंदर और घुँघराले हैं, उन श्री श्यामसुन्दर का मनोहारी स्वरूप सदा-सर्वदा के लिए मेरे नेत्रों में बस जाए।
यह बानिक नयनन बसो, श्याम मनोहर वेश ॥
- ब्रज के दोहे
जिनके कर-कमलों में मुरली सुशोभित है, जो हाथ में लकुटी धारण किए हुए हैं, और जिनके केश अत्यंत सुंदर और घुँघराले हैं, उन श्री श्यामसुन्दर का मनोहारी स्वरूप सदा-सर्वदा के लिए मेरे नेत्रों में बस जाए।

