बसों मेरे नैनन में यह जोरी - श्री सूरदास

बसों मेरे नैनन में यह जोरी - श्री सूरदास

(राग गूजरी)
बसों मेरे नैनन में यह जोरी ।
सुन्दर श्याम कमल दल लोचन,
संग वृषभानु किशोरी ॥ [1]
मोर मुकुट मकराकृत कुण्डल,
पीताम्बर झकझोरी ।
सूरदास प्रभु तुम्हरे दरश कों,
का बरनी मति थोरी ॥ [2]

- श्री सूरदास

श्री सूरदास जी कहते हैं कि यह नित्य जोड़ी (श्री राधा कृष्ण ) सदैव मेरे आँखों में बसें रहें । सुन्दर श्री कृष्ण के सुन्दर नयन कमल हैं, और संग में वृषभानु किशोरी श्री राधा हैं । [1]

श्री कृष्ण के माथे पर मोर मुकुट सुशोभित है एवं कर्णों में मकराकृत कुण्डल अलंकृत हैं, कटि प्रदेश में पीताम्बर हिल रहा है । श्री सूरदास जी कहते हैं कि हे प्रभु, आपके दर्शन का मैं किस प्रकार वर्णन करूँ, मेरी मति असमर्थ है । [2]