कमलनको रवि एकहै, रविको कमल अनेक।
हमसे तुमको बहुत हैं, तुमसे हमको एक॥
हमसे तुमको बहुत हैं, तुमसे हमको एक॥
- ब्रज के दोहे
कमलों के लिए सूर्य केवल एक ही है, परंतु सूर्य के लिए खिलने वाले कमल अनेक हैं। हे प्रभु! आपके लिए तो मुझ जैसे न जाने कितने ही भक्त होंगे, किंतु मेरे लिए तो केवल आप ही एकमात्र आधार और सर्वस्व हैं।

