जोग जज्ञ जप तप कछूवै न साधे ऐसे

जोग जज्ञ जप तप कछूवै न साधे ऐसे

जोग जज्ञ जप तप कछूवै न साधे ऐसे,
पद अवराधे हम राधे महारानी के॥

- श्री हठी जी, राधा सुधा शतक (55)

श्री हठी जी महाराज कहते हैं कि मैंने कोई भी साधन नहीं किया, न योग किया न यज्ञ, न जप किया न तप, मैंने तो एकमात्र श्री राधारानी के चरण कमलों की ही आराधना की है।