मानुष जीवन कौ सुफल, ब्रजजीवन नीके लह्यौ ।
श्यामा-श्याम कमल पद, संगी कौं सिर नायौं ॥
- श्री ब्रजजीवन जी
मानव जीवन का सच्चा सुफल तभी प्राप्त होता है जब वह श्री श्यामा-श्याम के चरण-कमलों में अनुरक्त रसिक जनों की शरण ग्रहण करे; उसी से ब्रज के वास्तविक, रसपूर्ण और सार्थक जीवन की अनुभूति होती है।
श्यामा-श्याम कमल पद, संगी कौं सिर नायौं ॥
- श्री ब्रजजीवन जी
मानव जीवन का सच्चा सुफल तभी प्राप्त होता है जब वह श्री श्यामा-श्याम के चरण-कमलों में अनुरक्त रसिक जनों की शरण ग्रहण करे; उसी से ब्रज के वास्तविक, रसपूर्ण और सार्थक जीवन की अनुभूति होती है।

