हर दम याद किया कर हरि की - श्री सहचरीशरण देव, सरसमंजावली (8)

हर दम याद किया कर हरि की - श्री सहचरीशरण देव, सरसमंजावली (8)

हर दम याद किया कर हरि की, दरद निदान हरैगा ।
मेरा कहा न खाली ऐ दिल ! आनँद कंद ढरैगा ॥ [1]
ऐसा नहीं जहाँ बिच कोई, लंगर लोग लरैगा ।
सहचरिशरण शेर दा बच्चा, क्या गजराज करैगा ॥ [2]

- श्री सहचरीशरण देव, सरसमंजावली (8)

हे मन, प्रत्येक क्षण तू श्री हरि का स्मरण किया कर, तेरे दुःख को वे हर लेंगे । मेरा कहा असत्य नहीं होगा, आनँदकंद श्री कृष्ण अवश्य तुझपर कृपा करेंगे । [1]

संसार में ऐसा कोई नहीं है जो तेरे मार्ग में बाधा दे सके । श्री सहचरिशरण जी कहते हैं कि तू शेर (श्री कृष्ण) का बच्चा (दास) है, गजराज (मायिक जगत) तेरा क्या बिगाड़ सकता है ? [2]