सप्तद्वीपे च तीर्थानां भ्रमणाद्यत्फलं भवेत् ।
प्राप्यते चाधिकं तस्मान्मथुरायाः परिक्रमे ॥
- वराहपुराण, मथुरा महात्म (159.13)
सातों द्वीपों में स्थित तीर्थों का भ्रमण करने से जो फल प्राप्त होता है, उससे अधिक फल, मथुरा (ब्रज मंडल) भ्रमण से ही प्राप्त हो जाता है ।
प्राप्यते चाधिकं तस्मान्मथुरायाः परिक्रमे ॥
- वराहपुराण, मथुरा महात्म (159.13)
सातों द्वीपों में स्थित तीर्थों का भ्रमण करने से जो फल प्राप्त होता है, उससे अधिक फल, मथुरा (ब्रज मंडल) भ्रमण से ही प्राप्त हो जाता है ।

