वृज रानी श्री राधिके महिमा अमित अपार - ब्रज के दोहे

वृज रानी श्री राधिके महिमा अमित अपार - ब्रज के दोहे

वृज रानी श्री राधिके, महिमा अमित अपार।
देति बुहारी रिद्धि सिधि, तो दासिन के द्वार॥

- ब्रज के दोहे

हे ब्रज की महारानी, श्री राधा! आपकी महिमा अपरम्पार है। आपकी दसियों के द्वार पर रिद्धि-सिद्धि बुहारी देती रहती हैं।