छबि निहार गोपाल की, जिहिं न होय आनंद - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (67)

छबि निहार गोपाल की, जिहिं न होय आनंद - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (67)

छबि निहार गोपाल की, जिहिं न होय आनंद ।
नारायण तिहिं जानिये, यही चौथ को चंद ॥

- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (67)

श्री कृष्ण की छवि को निहारकर जिसे आनंद नहीं होता, वह चौथ के चाँद के समान है अर्थात् उसका मुख भी नहीं देखना चाहिए ।