रुचिर धाम वृंदाविपिन पुर वृषभान उदार - श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (1)

रुचिर धाम वृंदाविपिन पुर वृषभान उदार - श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (1)

रुचिर धाम वृंदाविपिन, पुर वृषभान उदार।
जामैं गह्वर वाटिका, तामैं नित्य विहार॥

- श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (1)

श्री वृन्दावन धाम परम सुंदर और रुचिकर है एवं बरसाना धाम परम उदार है जहाँ (बरसाना में) श्री गह्वर वन में श्री राधा-कृष्ण का नित्य विहार चलता रहता है।