अलक-लड़ैती लाड़ली, अलक लड़ौ सुकुंवार ।
अलक लड़ौ मोहन महल, अलक-लड़ोइ बिहार ॥
- श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सेवा सुख (81)
लाड़ करने योग्य या तो लड़ैती जू (राधा) हैं या इनके प्यारे लाड़िले सुकुमार हैं, या यह सुंदर निज महल या इन दोनों का नित्य विहार ही लाड़ करने योग्य है।
अलक लड़ौ मोहन महल, अलक-लड़ोइ बिहार ॥
- श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सेवा सुख (81)
लाड़ करने योग्य या तो लड़ैती जू (राधा) हैं या इनके प्यारे लाड़िले सुकुमार हैं, या यह सुंदर निज महल या इन दोनों का नित्य विहार ही लाड़ करने योग्य है।

