तन्नामांकित धामेषु सम्बन्धानुगतेषुच - श्री वंशीअलि, श्री राधा सिद्धांत (86)

तन्नामांकित धामेषु सम्बन्धानुगतेषुच - श्री वंशीअलि, श्री राधा सिद्धांत (86)

तन्नामांकित धामेषु सम्बन्धानुगतेषुच ।
राधा लीलोद्दीपकेषु वासः सिद्धिप्रदोमतः ॥

- श्री वंशीअलि, श्री राधा सिद्धांत (86)

श्री राधा नाम से अंकित धाम में तथा उनसे सम्बन्धित किसी भी स्थान पर जो श्रीराधा की लीलाओं के उद्दीपक हो, निवास करना सिद्धिप्रद होता है।