आराध्य सुचिरं कृष्णं यद्यत्कार्यं भवेनृणाम् ।
राधोपासनया तच्च भवेत् स्वल्पेन कालतः ॥
- नारद पंचरात्र (2.6.31)
अत्यधिक काल तक श्री कृष्ण की आराधना करने से जो फल प्राप्त होता है, वही फल श्री राधा की आराधना करने से स्वल्प (बहुत कम समय) में प्राप्त हो जाता है।
राधोपासनया तच्च भवेत् स्वल्पेन कालतः ॥
- नारद पंचरात्र (2.6.31)
अत्यधिक काल तक श्री कृष्ण की आराधना करने से जो फल प्राप्त होता है, वही फल श्री राधा की आराधना करने से स्वल्प (बहुत कम समय) में प्राप्त हो जाता है।

