गौर स्याम अति सोहनी, जोरी परम उदार।
अलिजन आरती करत हैं, छबिहीं निहार निहार॥
- श्री भट्ट देवाचार्य, युगल शतक (46)
श्री प्रिया-प्रियतम की गौर-श्यामल जोड़ी अत्यंत शोभायमान है। सहचरियाँ उनकी छवि को निहार-निहार कर प्रेमपूर्वक आरती उतारती हैं।
अलिजन आरती करत हैं, छबिहीं निहार निहार॥
- श्री भट्ट देवाचार्य, युगल शतक (46)
श्री प्रिया-प्रियतम की गौर-श्यामल जोड़ी अत्यंत शोभायमान है। सहचरियाँ उनकी छवि को निहार-निहार कर प्रेमपूर्वक आरती उतारती हैं।

