अनन्तासंख्ये श्रीहरिभगवतो - श्रीराधानाम विनोद काव्ये

अनन्तासंख्ये श्रीहरिभगवतो - श्रीराधानाम विनोद काव्ये

अनन्तासंख्ये श्रीहरिभगवतो नाम कथने फलंयत्तत्कृष्णाभिधसुसकृदुक्तौ भवति वै ।
तथैव श्रीकृष्णस्मरण करणं यच्चफलदं तदाधिक्यं राधा युगल शुभवर्णं प्रगदितम् ॥

- श्रीराधानाम विनोद काव्ये

भगवान शिव पार्वती माता से कहते हैं कि श्रीहरि के असंख्य अनन्त नाम कहने पर जो फल मिलता है वह फल एक बार श्रीकृष्ण नामोच्चारण करने से प्राप्त होता है । वैसे ही श्रीकृष्ण नाम को करोड़ों बार जप से जो फल प्राप्त होता है उससे भी अधिक फल को एक बार कहा हुआ दो अक्षर वाला महा आह्लाद श्रानन्द स्वरूप श्री राधा नाम देता है ।