राजा परजा बादशाह, सब कोउ आवै जाय।
श्री कुँजबिहारिनि लाडिली, पोषत मन के भाय ।।
- श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वानी, सिद्धांत के पद (17)
राजा प्रजा एवं बादशाह हर कोई आता जाता रहता है परंतु एकमात्र कुंज बिहारिनि श्री राधा रानी ही मेरे भावों का पोषण करती हैं।
श्री कुँजबिहारिनि लाडिली, पोषत मन के भाय ।।
- श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वानी, सिद्धांत के पद (17)
राजा प्रजा एवं बादशाह हर कोई आता जाता रहता है परंतु एकमात्र कुंज बिहारिनि श्री राधा रानी ही मेरे भावों का पोषण करती हैं।

