श्रीराधा राधा नाम की रटना जिनके सार  - श्री रूप माधुरी जी की वाणी, रसिक पच्चीसी (22)

श्रीराधा राधा नाम की रटना जिनके सार - श्री रूप माधुरी जी की वाणी, रसिक पच्चीसी (22)

श्रीराधा राधा नाम की, रटना जिनके सार ।
रूप माधुरी रसिक जन, तिनकी मैं बलिहार ॥

- श्री रूप माधुरी, श्री रूप माधुरी जी की वाणी, रसिक पच्चीसी (22)

जिनके जीवन का सार “श्री राधा-राधा” नाम का भजन है, ऐसे रसिक जनों पर मैं नित्य बलिहार जाता हूँ।