नित्य विहार विलसत सदा, वृंदावन दोउ चंद - गोस्वामी श्री जुगतानंद जी

नित्य विहार विलसत सदा, वृंदावन दोउ चंद - गोस्वामी श्री जुगतानंद जी

नित्य विहार विलसत सदा, वृंदावन दोउ चंद ।
तहाँ टहल निज महल की, जाचत ‘जुगतानंद' ॥

- गोस्वामी श्री जुगतानंद जी

वृंदावन के दोऊ चन्द्र श्री प्रिया-प्रियतम जहाँ सदा नित्य-विहार में परायण हैं, उस निज महल की टहल प्राप्त करने की मेरी अभिलाषा है।