आसरो अनन्य गहिए रे मन मेरे सदा

आसरो अनन्य गहिए रे मन मेरे सदा

आसरो अनन्य गहिए रे मन मेरे सदा,
राधा महारानी सब बाधा की हरन हैं ॥

- श्री ब्रज निधि जी, ब्रज निधि ग्रंथावली, हरि पद संग्रह (69)

हे मेरे मन, तू केवल अनन्य रूप से केवल श्री राधा महारानी का आश्रय ग्रहण कर जो समस्त बाधाओं का हरण करने वाली हैं ।