राधा राधा जे कहत, चहूँ दिश तिनहिं हमेश।
आयुध लै रक्षा करत, हरिहर वरुण सुरेश॥
- ब्रज के दोहे
जो जीव नित्य राधा-राधा भजते हैं, उनकी रक्षा श्री हरि, भगवान शिव, वरुण एवं इंद्र आदि चारों दिशाओं में विभिन्न अस्त्र धारण कर करते हैं।
आयुध लै रक्षा करत, हरिहर वरुण सुरेश॥
- ब्रज के दोहे
जो जीव नित्य राधा-राधा भजते हैं, उनकी रक्षा श्री हरि, भगवान शिव, वरुण एवं इंद्र आदि चारों दिशाओं में विभिन्न अस्त्र धारण कर करते हैं।

