स्थानं नित्य विहारस्य ख्यातं वृन्दावनं वनम् ।
यत्र नित्यं विहरति कृष्णो राधिकया सह ॥
- कृष्णयामल तंत्र
नित्य विहार रस का सबसे आवश्यक अंग श्री वृन्दावन है, यहाँ की सघन कुंजों में ही राधा कृष्ण की नित्य विहार की लीलाएँ होती हैं ।
यत्र नित्यं विहरति कृष्णो राधिकया सह ॥
- कृष्णयामल तंत्र
नित्य विहार रस का सबसे आवश्यक अंग श्री वृन्दावन है, यहाँ की सघन कुंजों में ही राधा कृष्ण की नित्य विहार की लीलाएँ होती हैं ।

