राधा राधा रटत ही, बाधा हटत हज़ार।
सिद्धि सकल लै प्रेमघन, पहुँचत नंदकुमार॥
- ब्रज के दोहे
“राधा-राधा” का जप करते ही असंख्य बाधाएँ मिट जाती हैं। प्रेमघन नंदकुमार स्वयं सिद्धियों सहित भक्त के द्वार पर उपस्थित हो जाते हैं।
सिद्धि सकल लै प्रेमघन, पहुँचत नंदकुमार॥
- ब्रज के दोहे
“राधा-राधा” का जप करते ही असंख्य बाधाएँ मिट जाती हैं। प्रेमघन नंदकुमार स्वयं सिद्धियों सहित भक्त के द्वार पर उपस्थित हो जाते हैं।

