ठाकुरदास निज महल में, केलि नई नित होइ - श्री ठाकुर दास जी की वाणी, साखी (6)

ठाकुरदास निज महल में, केलि नई नित होइ - श्री ठाकुर दास जी की वाणी, साखी (6)

ठाकुरदास निज महल में, केलि नई नित होइ ।
श्रीस्वामी की कृपा बिनु, नहिं पहुँचै तहँ कोइ ॥

- श्री ठाकुर दास, श्री ठाकुर दास जी की वाणी, साखी (6)

श्री वृंदावन के निज महल में श्री श्यामा-कुंजबिहारी की नित्य नई-नई केलि-लीलाएँ होती रहती हैं। वहाँ स्वामी श्री हरिदास जी की कृपा के बिना कोई भी प्रवेश नहीं पा सकता।