ध्यान सु युगल किशोर को, सब रूपन को भूप ।
‘सरस' रसिक नित लहत हैं, यह रस रूप अनूप ॥
- श्री सरस माधुरी
श्री युगल किशोर (राधा कृष्ण) का ध्यान समस्त रूपों का सम्राट है, जिसे रसिक जन नित्य ग्रहण कर इस अद्भुत रस में उन्मत्त रहते हैं।
‘सरस' रसिक नित लहत हैं, यह रस रूप अनूप ॥
- श्री सरस माधुरी
श्री युगल किशोर (राधा कृष्ण) का ध्यान समस्त रूपों का सम्राट है, जिसे रसिक जन नित्य ग्रहण कर इस अद्भुत रस में उन्मत्त रहते हैं।

