चरण रज राधा प्यारी की ।
तेरी बिगड़ी बना देगी, चरण रज राधा प्यारी की ॥ [1]
तू बस एक बार श्रद्धा से, लगा कर देख मस्तक पर ।
सोयी किस्मत जगा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ॥ [2]
दुखों के घोर बादल हों, या लाखों आंधियां आयें ।
तुझे सबसे बचा लेगी, चरण रज राधा प्यारी की ॥ [3]
तेरे जीवन के अन्धिआरों में, बन के रोशन तुझको ।
नया रास्ता दिखा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ॥ [4]
भरोसा है अगर सच्चा, उठा कर फर्श से तुझको ।
तुझे अर्शों पर बिठा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ॥ [5]
लिखे महिमा चरण रज की, नहीं है ‘दासʼ की हस्ती ।
तुझे दासी बना लेगी, चरण रज राधा प्यारी की ॥ [6]
- ब्रज के लोकगीत
श्री राधा प्यारी की चरणों की रज तेरी सारी बिगड़ी बना देगी । [1]
यदि तू श्रद्धा पूर्वक श्री राधारानी के चरणों की रज को अपने मस्तक पर लगाएगा तो तेरी सोई हुई क़िस्मत भी जाग जाएगी । [2]
चाहे दुखों के घोर बादल हों, अथवा आंधियाँ ही आवें, तुझे हर प्रकार के संकट से श्री राधा प्यारी की चरण रज बचा ही लेगी । [3]
यदि तेरे जीवन में अंधेरा आएगा, तो यह राधा प्यारी की रज तुझे रोशनी बन कर नया रास्ता दिखला डालेगी । [4]
यदि तुझे श्री राधा प्यारी के चरणों की रज पर पूर्ण भरोसा हो गया तो तुझे वो फ़र्शों से उठा कर तख़्तों पर पहुँचा डालेगी । [5]
यूँ तो इस दास की कोई हैसियत नहीं, परंतु फिर भी श्री राधा प्यारी के चरणों की महिमा का वर्णन लिख रहा हूँ । यदि तू इसका सेवन करता रहेगा तो निश्चित ही राधा प्यारी की चरण रज तुझे श्री राधा प्यारी की दासी बना डालेगी । [6]
तेरी बिगड़ी बना देगी, चरण रज राधा प्यारी की ॥ [1]
तू बस एक बार श्रद्धा से, लगा कर देख मस्तक पर ।
सोयी किस्मत जगा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ॥ [2]
दुखों के घोर बादल हों, या लाखों आंधियां आयें ।
तुझे सबसे बचा लेगी, चरण रज राधा प्यारी की ॥ [3]
तेरे जीवन के अन्धिआरों में, बन के रोशन तुझको ।
नया रास्ता दिखा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ॥ [4]
भरोसा है अगर सच्चा, उठा कर फर्श से तुझको ।
तुझे अर्शों पर बिठा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ॥ [5]
लिखे महिमा चरण रज की, नहीं है ‘दासʼ की हस्ती ।
तुझे दासी बना लेगी, चरण रज राधा प्यारी की ॥ [6]
- ब्रज के लोकगीत
श्री राधा प्यारी की चरणों की रज तेरी सारी बिगड़ी बना देगी । [1]
यदि तू श्रद्धा पूर्वक श्री राधारानी के चरणों की रज को अपने मस्तक पर लगाएगा तो तेरी सोई हुई क़िस्मत भी जाग जाएगी । [2]
चाहे दुखों के घोर बादल हों, अथवा आंधियाँ ही आवें, तुझे हर प्रकार के संकट से श्री राधा प्यारी की चरण रज बचा ही लेगी । [3]
यदि तेरे जीवन में अंधेरा आएगा, तो यह राधा प्यारी की रज तुझे रोशनी बन कर नया रास्ता दिखला डालेगी । [4]
यदि तुझे श्री राधा प्यारी के चरणों की रज पर पूर्ण भरोसा हो गया तो तुझे वो फ़र्शों से उठा कर तख़्तों पर पहुँचा डालेगी । [5]
यूँ तो इस दास की कोई हैसियत नहीं, परंतु फिर भी श्री राधा प्यारी के चरणों की महिमा का वर्णन लिख रहा हूँ । यदि तू इसका सेवन करता रहेगा तो निश्चित ही राधा प्यारी की चरण रज तुझे श्री राधा प्यारी की दासी बना डालेगी । [6]

