स्वामिनी प्रगटी सुख भयौ, सुर पुहुपनी वरषाइ ।
हित हरिवंश प्रताप तें, मिले निसान बजाइ ॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (10)
जब स्वामिनी श्री राधा प्रकट हुईं, तब चहुँओर अपार सुख छा गया और और देवताओं ने आकाश से पुष्पों की वर्षा की। श्री हित हरिवंश जी की कृपा के प्रताप ने उसमें नगाड़े भी बजा दिए।
हित हरिवंश प्रताप तें, मिले निसान बजाइ ॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (10)
जब स्वामिनी श्री राधा प्रकट हुईं, तब चहुँओर अपार सुख छा गया और और देवताओं ने आकाश से पुष्पों की वर्षा की। श्री हित हरिवंश जी की कृपा के प्रताप ने उसमें नगाड़े भी बजा दिए।

