सब भय छौड़ि अब लाड़िली की आड़ लीहै - श्री चंद्र लाल गोस्वामी जी

सब भय छौड़ि अब लाड़िली की आड़ लीहै - श्री चंद्र लाल गोस्वामी जी

सब भय छौड़ि अब लाड़िली की आड़ लीहै,
विपिन विहारी कौ भरोसौ हमै भारी है ॥

- श्री चंद्र लाल गोस्वामी जी

हमने सब प्रकार के भय एवं आश्रय को त्याग कर अनन्य रूप से श्री लाड़ली [श्री राधा] की ही आड़ (आश्रय) ली है और हमें श्री विपिन बिहारी लाल पर पूर्ण भरोसा है ।