बंधन और मोक्ष का, कारण मनहि बखान - जगद्गुरु कृपालु जी महाराज, भक्ति शतक (19)

बंधन और मोक्ष का, कारण मनहि बखान - जगद्गुरु कृपालु जी महाराज, भक्ति शतक (19)

बंधन और मोक्ष का, कारण मनहि बखान।
याते कौनिउ भक्ति करु, करु मन ते हरिध्यान॥

- जगद्गुरु कृपालु जी महाराज, भक्ति शतक (19)

बंधन और मोक्ष का कारण केवल मन ही है। अतः कोई भी भक्ति हो, मन से भगवान का चिंतन तो अवश्य होना चाहिए।