ब्रज की जीवन वन सखी जीवन जग की तान  - श्री हित विट्ठल जू की वाणी, लाल जू के वचन सखी प्रति  (16)

ब्रज की जीवन वन सखी जीवन जग की तान - श्री हित विट्ठल जू की वाणी, लाल जू के वचन सखी प्रति (16)

ब्रज की जीवन वन सखी, जीवन जग की तान ।
ताकि जीवन जीवना, राधा कुँवरि सुजान ॥

- श्री हित विट्ठल जू, श्री हित विट्ठल जू की वाणी, लाल जू के वचन सखी प्रति  (16)

श्री कृष्ण सखी से कहते हैं कि समस्त विश्व के विस्तार का जीवन ब्रज भूमि है, और ब्रज भूमि का जीवन वृंदावन है और वृंदावन का जीवन आधार नवनागरी श्री राधा हैं ।