एक बार हू लेहि मुख, राधा-राधा नाम ।
श्रवण सुनत तत्काल वर, धाय मिलै घनश्याम ॥
- श्री हित किशोरी लाल, राधा सुधा निधि स्तव (94.1)
श्री राधा नाम की इतनी महिमा है कि केवल ‘राधा राधा’ कहने मात्र से ही श्री कृष्ण तुरंत उसे सुनते हैं और दौड़ कर उस भक्त से मिलने आते हैं।
श्रवण सुनत तत्काल वर, धाय मिलै घनश्याम ॥
- श्री हित किशोरी लाल, राधा सुधा निधि स्तव (94.1)
श्री राधा नाम की इतनी महिमा है कि केवल ‘राधा राधा’ कहने मात्र से ही श्री कृष्ण तुरंत उसे सुनते हैं और दौड़ कर उस भक्त से मिलने आते हैं।

