काहू के व्रत नेम जप, जोग जग्य के ठाठ ।
मेरे जुगुल बिहार ही, संध्या पूजा पाठ ॥
- श्री ललित किशोरी जी, अभिलाष माधुरी
कुछ लोग व्रत, नियम, जप, योग या यज्ञ में अपनी निष्ठा रखते हैं, पर मेरी निष्ठा केवल युगल सरकार, श्री राधा-कृष्ण के नित्य विहार में है जो मेरी त्रिकाल संध्या, मेरी पूजा और मेरा समस्त पाठ है।
मेरे जुगुल बिहार ही, संध्या पूजा पाठ ॥
- श्री ललित किशोरी जी, अभिलाष माधुरी
कुछ लोग व्रत, नियम, जप, योग या यज्ञ में अपनी निष्ठा रखते हैं, पर मेरी निष्ठा केवल युगल सरकार, श्री राधा-कृष्ण के नित्य विहार में है जो मेरी त्रिकाल संध्या, मेरी पूजा और मेरा समस्त पाठ है।

