अद्भुत गति यह रसिकनिधि, सरस प्रीत की बात - श्री रस निधि जी

अद्भुत गति यह रसिकनिधि, सरस प्रीत की बात - श्री रस निधि जी

अद्भुत गति यह रसिकनिधि, सरस प्रीत की बात । 
आवत ही मन साँवरो, उर कौ तिमिर नसात ॥ 
- श्री रस निधि जी 

रसनिधि जी कहते हैं— श्रीकृष्ण की मधुर प्रीति अत्यंत अद्भुत है। सामान्यतः अंधकार काले रंग से बढ़ता है, किंतु यहाँ साँवले श्यामसुंदर का स्मरण होते ही हृदय का अज्ञान-तिमिर नष्ट हो जाता है। यही प्रेम की विलक्षणता है।