ब्रज रज महिमा जानें ब्रज बामा।
याही ब्रज रज महँ लोटे श्याम श्यामा॥
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, श्यामा श्याम गीत (956)
ब्रज-रज की महिमा ब्रजांगनाए ही जानती हैं जिन्होंने युगल किशोर श्री श्यामा श्याम को इसी ब्रज की रज में लोटते हुए देखा है।
याही ब्रज रज महँ लोटे श्याम श्यामा॥
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, श्यामा श्याम गीत (956)
ब्रज-रज की महिमा ब्रजांगनाए ही जानती हैं जिन्होंने युगल किशोर श्री श्यामा श्याम को इसी ब्रज की रज में लोटते हुए देखा है।

