श्री नंदलाल तमाल सो, स्यामल तन दरसाय।
ता तन सुबरन बेलि सी, राधा रही समाय॥
- ब्रज के दोहे
नंदलाल कृष्ण का स्वरूप मानो श्याम-वर्ण के तमाल-वृक्ष के समान है, और श्री राधा का स्वरूप उस वृक्ष से लिपटी हुई स्वर्ण-रंग की बेलि के समान है।
ता तन सुबरन बेलि सी, राधा रही समाय॥
- ब्रज के दोहे
नंदलाल कृष्ण का स्वरूप मानो श्याम-वर्ण के तमाल-वृक्ष के समान है, और श्री राधा का स्वरूप उस वृक्ष से लिपटी हुई स्वर्ण-रंग की बेलि के समान है।

