तस्या एवांश विस्तारा - स्कंद पुराण, भागवत महात्म्य (2.12)

तस्या एवांश विस्तारा - स्कंद पुराण, भागवत महात्म्य (2.12)

तस्या एवांश विस्तारा सर्वा:श्रीकृष्ण नायिका: ।
नित्य संयोग एवास्ति तस्या सामुज्ययोगत: ॥

- स्कंद पुराण, भागवत महात्म्य (2.12)

रुक्मिणी सत्यभामा आदि श्रीकृष्ण की जितनी भी रानियाँ और पटरानियाँ हैं, वे सब श्री राधा के अंश से ही आविर्भूत हैं । राधा और कृष्ण सदा-सर्वदा एक दूसरे के सम्मुख रहते हैं, अर्थात् इनका पारस्परिक संयोग नित्यसिद्ध है ।