जुगल उपासना जिनके, तिनके प्रेम सुधन है ।
गौर श्याम तिनकौ जु, बसावत वृंदावन है ॥
- श्री हित वृंदावन दास (चाचा जी), श्री प्रेम पहेरी
जिन साधकों का आश्रय युगल-उपासना है, वही वास्तविक प्रेम रूपी धन के स्वामी हैं। गौर-श्याम जोड़ी ऐसे भक्तों को निश्चित ही वृंदावन-वास का दिव्य सौभाग्य प्रदान करती है।
गौर श्याम तिनकौ जु, बसावत वृंदावन है ॥
- श्री हित वृंदावन दास (चाचा जी), श्री प्रेम पहेरी
जिन साधकों का आश्रय युगल-उपासना है, वही वास्तविक प्रेम रूपी धन के स्वामी हैं। गौर-श्याम जोड़ी ऐसे भक्तों को निश्चित ही वृंदावन-वास का दिव्य सौभाग्य प्रदान करती है।

