प्रेम सरोवर प्रेम सों, पूरन परम रसाल ।
नेंकु नीर के परसितें, वसें हिये जुग लाल ॥
- श्री प्रियादास जी, रसिक मोहिनी (25)
बरसाना स्थित प्रेम-सरोवर प्रेम से पूर्ण और परम रसाल है, जहाँ श्री राधा-कृष्ण के प्रेमाश्रु प्रवाहित हुए थे। उस दिव्य जल के तनिक से भावपूर्ण स्पर्श से साधक के हृदय में प्रिया-लाल बस जाते हैं।
नेंकु नीर के परसितें, वसें हिये जुग लाल ॥
- श्री प्रियादास जी, रसिक मोहिनी (25)
बरसाना स्थित प्रेम-सरोवर प्रेम से पूर्ण और परम रसाल है, जहाँ श्री राधा-कृष्ण के प्रेमाश्रु प्रवाहित हुए थे। उस दिव्य जल के तनिक से भावपूर्ण स्पर्श से साधक के हृदय में प्रिया-लाल बस जाते हैं।

