कृष्णप्राणाधिदेवी सा तदधीनो विभुर्यतः ।
रासेश्वरी तस्य नित्यं तया हीनो न तिष्ठति ॥
- देवी भागवत (9.50.17)
श्री राधा श्री कृष्ण के प्राणों की अधिष्ठात्री देवी हैं । इसलिए भगवान श्री कृष्ण सदा इनके अधीन रहते हैं । वे रासेश्वरी सदा इनके निकट ही निवास करती हैं । इन श्री राधा के बिना श्री कृष्ण क्षण भर भी नहीं टिकते (ठहर सकते) ।
रासेश्वरी तस्य नित्यं तया हीनो न तिष्ठति ॥
- देवी भागवत (9.50.17)
श्री राधा श्री कृष्ण के प्राणों की अधिष्ठात्री देवी हैं । इसलिए भगवान श्री कृष्ण सदा इनके अधीन रहते हैं । वे रासेश्वरी सदा इनके निकट ही निवास करती हैं । इन श्री राधा के बिना श्री कृष्ण क्षण भर भी नहीं टिकते (ठहर सकते) ।

