राधिका के नाम हीसौं काम हमें रैन-दिन - श्री हित किशोरी लाल, राधा सुधा निधि स्तव (143)

राधिका के नाम हीसौं काम हमें रैन-दिन - श्री हित किशोरी लाल, राधा सुधा निधि स्तव (143)

(कवित्त)
राधिका के नाम हीसौं काम हमें रैन-दिन,
छाँड़ि श्रुति साधन करोड़न जे गाये हैं। [1]
प्यारी पद-पंकज पै बार-बार डारौं बलि,
कोटि पुरुषार्थ न मेरे मन भाये हैं॥ [2]
तिनहीं के चरण सरोजन की लीला वर,
अगिनित कल्पतरु देखि सकुचाये हैं। [3]
जाकी निज दासिनि के पायन में रिद्धि सिद्धि,
लोटत असंख्य औ अनंत शिर नाये हैं॥ [4]

- श्री हित किशोरी लाल, राधा सुधा निधि स्तव (143)

अनुदिन श्रीराधा-नाम के भजन के प्राप्त होने पर कोटि कोटि श्रेष्ठ साधन भी परित्याज्य हो जाते हैं। [1] 

श्रीराधा-पद-कमल-सुधा पर कोटि-कोटि मोक्षादि पुरुषार्थ न्यौछावर हैं। [2] 

श्रीराधा-पादाव्ज- लीला भूमि श्रीवृन्दावन में अमन्द (वैभव-शाली) कोटि-कोटि कल्पतरु सदा विद्यमान रहते हैं। [3]

श्रीराधा चरण दासियों के चरणों में असंख्य सिद्धियाँ लोटती रहती हैं। [4]