युगल चरण सेवा, युगल चरण ध्येवा, युगलेइ मनेर पिरीति ।
युगल किशोर रूप, काम रतिगण भूप, मनेरहु ओ लीला कि रीति ॥
- श्री नरोत्तम दास, प्रेम भक्ति चंद्रिका (43)
श्री युगल किशोर की चरण सेवा, युगल चरणों का ध्यान, युगल किशोर की काम रति के समान रूप माधुर्य, एवं उनकी दिव्य लीलाएँ, बस यही मेरे मन में स्मृति बनी रहे ।
युगल किशोर रूप, काम रतिगण भूप, मनेरहु ओ लीला कि रीति ॥
- श्री नरोत्तम दास, प्रेम भक्ति चंद्रिका (43)
श्री युगल किशोर की चरण सेवा, युगल चरणों का ध्यान, युगल किशोर की काम रति के समान रूप माधुर्य, एवं उनकी दिव्य लीलाएँ, बस यही मेरे मन में स्मृति बनी रहे ।

