जो भागन सों पाइये, वृंदावन विश्राम ।
काल जाय आनंद में, नहिं व्यापे जग धाम ॥
- श्री रामसखी जी महाराज, श्री भक्तिरस मंजरी
यदि किसी जीव को सौभाग्यवश वृंदावन-वास प्राप्त हो जाए, तो उसे इस अहैतुकी कृपा को सार्थक करते हुए सांसारिक द्वंद्वों का पूर्णतया त्याग कर दिन-रात दृढ़ भाव से श्री राधा-कृष्ण की रसोपासना में मन को लगाना चाहिए, जिससे वह परम आनंद को प्राप्त कर सके।
काल जाय आनंद में, नहिं व्यापे जग धाम ॥
- श्री रामसखी जी महाराज, श्री भक्तिरस मंजरी
यदि किसी जीव को सौभाग्यवश वृंदावन-वास प्राप्त हो जाए, तो उसे इस अहैतुकी कृपा को सार्थक करते हुए सांसारिक द्वंद्वों का पूर्णतया त्याग कर दिन-रात दृढ़ भाव से श्री राधा-कृष्ण की रसोपासना में मन को लगाना चाहिए, जिससे वह परम आनंद को प्राप्त कर सके।

