स्वामिनी वासना राधा स्वयं वृन्दावनेश्वरी ।
लवमात्रकालावच्छिन्नो विरहोऽभूदसात्मकः ॥
- माहेश्वर तंत्र (11.31)
श्री राधा श्री कृष्ण की स्वामिनी और स्वयं वृंदावनेश्वरी हैं । इनको क्षणमात्र का भी वियोग असह्य होता है ।
लवमात्रकालावच्छिन्नो विरहोऽभूदसात्मकः ॥
- माहेश्वर तंत्र (11.31)
श्री राधा श्री कृष्ण की स्वामिनी और स्वयं वृंदावनेश्वरी हैं । इनको क्षणमात्र का भी वियोग असह्य होता है ।

