आदौ राधां समुच्चार्य पश्चात्कृष्णं वदेद्बुधः ।
व्यतिक्रमे ब्रह्महत्यां लभते नात्र संशयः ॥
- ब्रह्मवैवर्तपुराण, खण्डः 2 [प्रकृति खंड]/अध्यायः 49 / छंद 60
विज्ञ पुरुष को सर्वप्रथम राधा का तत्पश्चात् कृष्ण के नाम का उच्चारण करना चाहिए । इसमें व्यतिक्रम करने से निःसंदेह उसे ब्रह्म हत्या के समान पाप का सहगामी होना पड़ता है ।
व्यतिक्रमे ब्रह्महत्यां लभते नात्र संशयः ॥
- ब्रह्मवैवर्तपुराण, खण्डः 2 [प्रकृति खंड]/अध्यायः 49 / छंद 60
विज्ञ पुरुष को सर्वप्रथम राधा का तत्पश्चात् कृष्ण के नाम का उच्चारण करना चाहिए । इसमें व्यतिक्रम करने से निःसंदेह उसे ब्रह्म हत्या के समान पाप का सहगामी होना पड़ता है ।

