हरि कथा सुख की निधि, जगत कथा संताप ।
नूपी हरि के नाम बिन, शब्द शब्द में पाप ॥
- श्री नूपीबाई जी
श्री हरि की कथा ही सच्चे सुख का भंडार है, जबकि संसार की चर्चाएँ केवल दुःख और संताप बढ़ाती हैं। श्री नूपीबाई जी कहती हैं कि हरि-नाम के बिना अन्य सांसारिक वचन प्रायः पापरूप ही होते हैं।
नूपी हरि के नाम बिन, शब्द शब्द में पाप ॥
- श्री नूपीबाई जी
श्री हरि की कथा ही सच्चे सुख का भंडार है, जबकि संसार की चर्चाएँ केवल दुःख और संताप बढ़ाती हैं। श्री नूपीबाई जी कहती हैं कि हरि-नाम के बिना अन्य सांसारिक वचन प्रायः पापरूप ही होते हैं।

