काहूँ कैं बल बाँह कौ - श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (642)

काहूँ कैं बल बाँह कौ - श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (642)

काहूँ कैं बल बाँह कौ, काहू शिष्य पचास ।
इक हथिया हरिदास कौ, नाँउँ बिहारीदास ॥

- श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (642)

श्री बिहारिन देव जी विनम्र भाव से कहते हैं कि कोई अपने बाहुबल पर गर्व करता है, कोई अपने अनेक शिष्यों पर; किंतु मेरा तो एकमात्र आधार अनन्य नृपति स्वामी श्री हरिदास जी की कृपा है। उसी कृपा-बल से मैं सदा संतुष्ट और प्रसन्न रहता हूँ।