नमो नमो आनंद घन - नंद दास ग्रंथावली, रस मंजरी (1)

नमो नमो आनंद घन - नंद दास ग्रंथावली, रस मंजरी (1)

नमो नमो आनंद घन, सुंदर नंद-कुमार ।
रस-मय, रस कारन, रसिक, जगजाके आधार ॥
- श्री नंद दास, नंद दास ग्रंथावली, रस मंजरी (1)

नंदनंदन श्री कृष्ण, जो घनीभूत आनंदस्वरूप हैं, उन्हें बारंबार नमस्कार है। वे रस के सागर, रस के मूल कारण तथा रसिक भक्तों के प्राणाधार हैं।