श्री राधाबल्लभ गुन चरित, जाके हियें निवास ।
वृन्दावन हित भक्त वह, सब सुख-मंगल रासि ॥
- श्री वृंदावन दास चाचा जी, विवेक लक्षण बेली (26)
जिस अनन्य भक्त के हृदय में श्रीराधावल्लभ लाल के गुणों और उनकी लीलाओं का निरंतर वास रहता है, वह भक्त साक्षात समस्त सुखों और मंगलकारी निधियों का पुंज बन जाता है।
वृन्दावन हित भक्त वह, सब सुख-मंगल रासि ॥
- श्री वृंदावन दास चाचा जी, विवेक लक्षण बेली (26)
जिस अनन्य भक्त के हृदय में श्रीराधावल्लभ लाल के गुणों और उनकी लीलाओं का निरंतर वास रहता है, वह भक्त साक्षात समस्त सुखों और मंगलकारी निधियों का पुंज बन जाता है।

