श्री राधा मेरे प्रान धन, राधा जीवन आहि।
गोरी मूरत नयन में, रही सो मम अवगाहि॥
- श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (27)
श्री राधा ही मेरा प्राण धन है, श्री राधा ही मेरा जीवन है एवं श्री राधा की गौर वर्ण की छवि ही मेरी आँखों में नित्य समाई हुई है।
गोरी मूरत नयन में, रही सो मम अवगाहि॥
- श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (27)
श्री राधा ही मेरा प्राण धन है, श्री राधा ही मेरा जीवन है एवं श्री राधा की गौर वर्ण की छवि ही मेरी आँखों में नित्य समाई हुई है।

