श्री वृषभान कुमारि के वन्दों पद अरविंद - श्री कवि हरिदेव जी

श्री वृषभान कुमारि के वन्दों पद अरविंद - श्री कवि हरिदेव जी

श्री वृषभान कुमारि के, वन्दों पद अरविंद।
जिन रज रंजित मुदित मन, रहत सदा बृजचंद॥ 

- श्री कवि हरिदेव जी

वृषभानु-नन्दिनी श्रीराधा के उन पावन चरण-कमलों की वंदना करता हूँ, जिनकी दिव्य रज को अपने अंगों  पर धारण कर ब्रज के पूर्ण चंद्र श्रीकृष्ण का मन सदैव प्रफुल्लित और आनंदमग्न रहता है।