करुवा गूदरा अमृती चीपी कठुला माला बाँकी -  श्री ललितमोहिनी देव जू की वाणी (26)

करुवा गूदरा अमृती चीपी कठुला माला बाँकी - श्री ललितमोहिनी देव जू की वाणी (26)

करुवा, गूदरा, अमृती, चीपी, कठुला, माला, बाँकी ।
ललित केलि निरखत रहैं, रंग-महल की झाँकी ॥

- श्री ललितमोहिनी देव, श्री ललितमोहिनी देव जू की वाणी (26)

करवा, गुदड़ी, अमृतपात्र, रज का कटोरा, कठला, माला, और बाँकी (वृंदावन की शुष्क लता का एक सर्पाकार छोटा सा दंड) - इन सात वस्तुओं से प्रयोजन रखने वाले हरिदासी संत रंगमहल में प्रिया प्रियतम की अनवरत ललित केली का सदा अवलोकन करते रहते हैं ।